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3 Comments

  1. Vandana

    चौमासा में पहाड़ी औरतों के कठिन जीवन का कारुणिक चित्रण और पलायन से दुखी पहाड़ की व्यथा बरबस ही पलकें भिगो देती हैं, जितनी सुन्दर कहानी की भाषा है ,उतनी ही सहज सुनाने की शैली भी। उत्तम कहानियां ।

  2. कमल लखेड़ा

    ओ ना मासी ढंग, बहुत अच्छी सरल कहानी है । इस कहानी को पेश करने के लिए धन्यवाद ।

  3. 'परचेत'

    बहुत खूब, शानदार प्रस्तुति।
    सुनकर अपना वह बचपन याद आ गया जब पहले पहल मेरे दादाजी ने एक चौडी लकड़ी की तख्ती पर महीन लाल मिट्टी बिछाकर उस पर मेरी कोमल सी दाहिने हाथ की अंगूठे के साथ वाली ऊ़ंगली को पकडकर ‘ॐ नमः सिद्धम’ लिखा और मेरे तोतले मुंह से बुलवाया था।

    इस सूत्र –‘ॐ नमः सिद्धम’ का भावार्थ यह है कि ‘जिसने योग या तप के द्वारा अलौकिक सिद्धि प्राप्त कर ली है,या जो बात तर्क और प्रमाण के द्वारा सिद्ध हो चुकी है,उसे नमस्कार।’🙏

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