Related Articles

4 Comments

  1. dipesh kumar

    बहुत ही शानदार तरीक़े से लिखा है सर आपने. अपनी भाषाशैली के द्वारा शब्दों के द्वारा सजीव चित्रण देखने को मिलता है. शब्दों का ऐसा सधा हुआ चित्रण किया गया है कि चित्रण एक सजीव नज़ारा लगता है. आप ऐसे ही अलमोडा के लिये लिखते रहें यही दिल से शुभकामनायें हैं

  2. Anurag Mishra

    अल्मोड़ा की आंचलिक संस्कृति प्रस्तुति अच्छी है लेकिन पूर्णविराम जैसे हिन्दी के नियमों का प्रयोग उचित होगा, अन्यथा हिन्दी से कटाव महसूस होता है। लेखन में गहराई प्रशंसनीय है।

  3. Raj Pushp

    मेरा लेखक महोदय से व्यक्तिगत परिचय है आपने कम समय में ही अल्मोड़ा को बहुत सुंदर समझा है

  4. Kailash singh garia

    किसी विशेष सँस्कृति को शब्दों के द्वारा अविव्यक्ति का अद्वतीय प्रयास,,बहुत ही लंबे अरसे से आपका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सानिध्य मिलता रहा है परन्तु लेखनी पर ऐसा प्रचंड और खूबसूरत आधिपत्य को देखकर अभिभूत हूँ,,,
    अल्मोड़ा की रामलीला को बहुत ही सरल और सहज शब्दावली से सजाकर जिस खूबसूरती के साथ आपने परोसा है वाकई बहुतई लज़ीज़ और लाजवाब है,,,
    आपकी लेखनी के जादू के दीदार बस यूं ही होते रहें,,
    ….आमीन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

2019 Kafal Tree. All rights reserved. | Developed by Kafal Tree Team