उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या यह पुलिंदा पहाड़ की खेती, छोटे उद्योग व स्थानीय आर्थिकी को संरचनात्मक आधार प्रदान करता है या फिर मात्र घोषणाओं क... Read more
भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते हैं जो एक दूसरे से मिलते जुलते दिखाई देते हैं. कभी यह समानता अलग अलग समाजों के संपर्क से बनती है, कभी किसी एक... Read more
आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’
उत्तराखंड को केवल ‘देवभूमि’ ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर पर्वों, मेलों और त्यौहारों की अनोखी रौनक देखने को मिलती है.... Read more
‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म ‘मेघा आ’ का है. ‘मेघा आ’ फ़िल्म के गीत आज भी एक पीढ़ी को मुंहजबानी याद हैं तो इसक... Read more
हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता
कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था को प्राथमिकता देने वाले कई ब्रिटिश प्रशासक रहे जो औपनिवेशिक शासन की समय अवधि में पहाड़ में तै... Read more
पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया
बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम से जुड़े असंख्य लोगों के मन को गहरे दुःख से भर दिया. सबके चहेते डेविड हॉकिन्स, जिन्हें यहाँ सभी स्नेह से डेविड भाई कहकर... Read more
कुमाऊँ की खड़ी होली
इन दिनों उत्तराखंड के कुमाऊँ में होली की धूम है. जगह-जगह खड़ी होली और बैठकी होली का आयोजन भी किया जा रहा है. होली के रंग में रंगे होलियारों का जोश देखते ही बनता है. कल हुई चतुर्दशी का होली म... Read more
आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव
बात उन दिनों की है, जब महात्मा गांधी जब देश भर में घूमकर और लिखकर ‘ग्राम स्वराज’ का महत्व लोगों को बता रहे थे. ऐसा राज जो स्वशासन, सहभागिता और अधिकारों पर आधारित था. यह 1930 का दशक था. ठीक इ... Read more
फूल, तितली और बचपन
बचपन की दुनिया इस असल दुनिया से कई गुना खूबसूरत होती है. शायद इसलिए क्योंकि बचपन की दुनिया ख्यालों और ख्वाबों से भरी होती है. मेरी बचपन की दुनिया भी बहुत खूबसूरत हुआ करती थी. (Flowers Butter... Read more
पिछली कड़ी : तिवारी मॉडल में पहाड़ की उद्योग नीति और पलायन आजादी के दौर में 1946 से 1954 तक का समय उत्तरप्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों या आज के उत्तराखंड के लिए आधारभूत नीतिगत नींव र... Read more



























