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One Comment

  1. Arpit

    आर्टिकल अच्छा है, यथार्थ को दर्शाता है परन्तु लिखने वाले सज्जन श्री रामचंद्र गुहा जी को जबसे प्रसन्न होकर बीफ खाते हुए देखा है, उनकी आंतरिक स्थिति बयां होती है। बाकि ये बिल्कुल सत्य है न केवल पहाड़ बल्कि प्लेन्स सभी जगह हमने प्रकृति का सत्यानाश कर दिया है, अब प्रकृति को भी अधिकार है संतुलन बनाने का।

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