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2 Comments

  1. deven mewari

    जानी-मानी लोक कलाकार आदरणीय नईमा जी के बारे में बहुत अच्छी जानकारी दी है आपने प्रिय तिवारी जी। यह बहुत पठनीय लेख है। नईमा जी हमारा गौरव हैं। उनकी स्मृति को सादर नमन।

  2. नाज़िम अंसारी

    पर्वतीय कला केंद्र से जीवन-पर्यन्त जुड़े रहकर ,मोहन दा के साथ मिलकर पर्वतीय संस्कृति के संरक्षण,संवर्धन,प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित विदुषी महिला ,नईमा आपा को सादर विनम्र श्रद्धांजलि | अच्छी पोस्ट है लेकिन कुछ तथ्य ऐतिहासिक रूप से सही नहीं हैं जैसे जामा मस्जिद अल्मोड़ा का पुनर्निर्माण ही 1827 सन में हुआ जैसा कि मुख्य द्वार में लगे पुराने शिलालेख से पता चलता है जिसमे 1248 हिजरी अंकित है | नईमा आपा के दादा जी का नाम हाजी नियाज़ मोहम्मद था न कि नियाज़ अहमद और 1927 में उनका जन्म भी नहीं हुआ था ,उनकी मृत्यु के बाद सन 1944 में नकारची टोला का नाम बदलकर नियाज़ गंज उनके नाम पर रखा गया था | वे अल्मोड़ा नगर पालिका में म्युनिसिपल कमिश्नर रहे थे | इसलिए उनके द्वारा जामा मस्जिद अल्मोड़ा का निर्माण किया जाना ऐतिहासिक रूप से ग़लत है | उनके पुत्र और नईमा आपा के पिताजी स्व ० शब्बीर मोहम्मद खान कांग्रेस के नेता ,नगरपालिका के उपाध्यक्ष/अध्य्क्ष रहे हैं |

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