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3 Comments

  1. Deep pandey

    क्या गज़ब का लिखाते हैं सर।मैं तो आपका मुरीद हो गया हूँ

  2. हरि ओम मिश्रा

    बहुत सुंदर चित्रण है सभी पात्र सहजता से स्वयंम को अभिव्यक्त करते हैं कहानी का शिल्प लोक रंजक शैली सरलता से प्रवाहित होती हुई अतीत के चित्र उकेरती हुई स्वतह आगे बहती है साधुवाद अच्छी रचना के लिए

  3. पंकज सनवाल

    अल्मोड़िया चाल का माहात्म्य यह बात कुछ जमी नहीं । यद्यपि मैं स्वयं अल्मोड़ा मूल से हूँ लेकिन धूर्तता को एसे विशेषणों का आवरण पहनाकर महिमामंडित करना , मनुष्य के अंदर संभावित wisdom का निरादर है ।

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