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One Comment

  1. Sumit Singh Mehta

    आदरणीय कला दी का जितना भी व्याख्यान किया जाए कम ही होगा। मैं उन सौभाग्यशाली लोगों में से हूं जिन्हें उनके साक्षात्कार का और मार्गदर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैं इस लेख के लेखक को हृदय से धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इतने जटिल चरित्र को सहजता से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया।

    आदरणीय कला दी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏

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