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2 Comments

  1. Kailash Bahuguna

    कहानी बहुत अच्छी है काश 80 के दशक में इतनी दूर दृष्टि रखने वाले रना जी वर्तमान की दृष्टि रखते कोई मई का लाल नहीं बोलता की ईद में बेजुबान की क़ुरबानी करके कोनसे देवेता को प्रस्सन करते हो

  2. राघव

    1980 के दशक में मोबाइल नहीं हुआ करते थे । ये फर्जी पोस्ट है ।

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