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One Comment

  1. lakhera.parvatiya@gmail.com

    लोहनी जी प्रणाम । जनता को अचार चटनी मुरब्बा (धर्म, जाति, ग्लैमरस उम्मीदवार ) खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है, तो फिर आवश्यक नीरस खिचड़ी, रोटी, दाल (शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार ) की बात कौन करेगा ?
    हम लोग भारतीय ना रहकर अपने अपने समर्थित राजनीतिक दलों के मोहरे बनकर रह गए हैं ।

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