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4 Comments

  1. कवीन्द्र तिवारी

    काफलिगैर में नौकरी के दौरान ही पता चला छाना बिलौरी गाने के बारे में।

  2. शेखर

    छाना ओर बिलौरी दो अलग अलग गांव है गांव में गर्मी होती ही है इसका यह कारण है कि यह गांव गहरी घाटी में है और मुख्य कारण यह कि इन गांव के चारो ओर पत्थरो की चट्टाने है dolamite, मैग्नेसाइट ओर स्लेट भरपूर मात्रा में है जो धूप से गर्म हो जाता है और गर्मी बढ़ती रहती है

  3. Shekhar bisht

    छाना बिलोरी गांव एक घाटी में में बसा हुआ गांव है इस गांव में गर्मी सामान्य से कुछ ज्यादा होती है
    इसका मुख्य कारण यह है कि यह गांव जहा बसा हुआ है वहाँ चारो ओर पत्थर की चट्टाने है जिनमे dolamite ,megenesite , स्लेट की चट्टाने भरपूर मात्रा में है जो गर्मी के मौसम में काफी गर्म हो जाती है ओर घाटी हो जाने के कारण गर्म हवा ये घाटी में ही रह कर इसे गर्म करती है

  4. वीरेंद्र सिंह विष्ट

    मैं भी आज से करीब 30-31 साल पहले 1988 में एक बारात में काफलिगैर गया था। बारात रामनगर काशीपुर से आई थी। हम लोग पिथौरागढ़ से थल, कांडा, बागेश्वर होते हुए लौटते हुए उस बारात में काफलिगैर में शामिल हुए थे।

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