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2 Comments

  1. डॉ. भूपेंद्र बिष्ट

    दिलचस्प स्मृति वाला आख्यान, जिसमें जीवन भी है, हादसा भी और उमंग भी. फ्रेडरिक स्मेटचेक और उसके भीमताल वाले तितलियों के संग्रह पर उस समय उभरते अमर उजाला अखबार के पाक्षिक “दिशाभारती” में एक छोटा आलेख मेरा भी प्रकाशित हुआ था.
    • डॉ. भूपेंद्र बिष्ट

  2. शम्‍भूदत्‍त सती

    बहुत ही उत्‍तम संस्‍मरण। इतना प्रेरक, जीवन जीने का जज्‍बा। खास बात यह रही कि इसमें नैनीताल भीमताल, कुमाऊंनी बोलने वाले अंग्रेज। तितलियों संग्रह तो देखा है, लेकिन यह कहानी आज पहली बार पता चली, अब जब दुबारा जाऊंगा तो इसका अवश्‍य जिक्र करूंगा। बीच में विजय सती मैम ने कहा कि आप मेरे बारे में पूछ रहे थे तो मैं अभी इलाहाबाद में हूं। कई बार आपसे मिलना चाहा, इधर दो साल से कोरोना बाधा रहा। इन गर्मियों में अवश्‍य दर्शन करूंगा।
    शम्‍भूदत्‍त सती
    वर्धा

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